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सुनन नसाई

नंबर 5364

नंबर 5364किताब 48, नंबर 325
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ مُسْلِمٍ، ح وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ زَكَرِيَّا، قَالَ حَدَّثَنَا حُصَيْنُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ مُسْلِمِ بْنِ صُبَيْحٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ إِنَّ مِنْ أَشَدِّ النَّاسِ عَذَابًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ الْمُصَوِّرُونَ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ أَحْمَدُ ‏"‏ الْمُصَوِّرِينَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'Among the people who will be most severely punished on the Day of Resurrection will be the image-makers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।