सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5352

नंबर 5352किताब 48, नंबर 313
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم خَرْجَةً ثُمَّ دَخَلَ وَقَدْ عَلَّقْتُ قِرَامًا فِيهِ الْخَيْلُ أُولاَتُ الأَجْنِحَةِ - قَالَتْ - فَلَمَّا رَآهُ قَالَ ‏ "‏ انْزِعِيهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah [SAW] went out, then he came in, and I had hung up a curtain on which there were (images of) horses with wings. When he saw it, he said: 'Get rid of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।