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सुनन नसाई

नंबर 5317

नंबर 5317किताब 48, नंबर 278
أَخْبَرَنِي حَاجِبُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنِ ابْنِ أَبِي رَوَّادٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنِ ابْنِ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّهُ أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَعَلَيْهِ ثَوْبَانِ مُعَصْفَرَانِ فَغَضِبَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ ‏"‏ اذْهَبْ فَاطْرَحْهُمَا عَنْكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَيْنَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏"‏ فِي النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Amr that:He came to the Prophet [SAW] wearing two garments dyed with safflower. The Prophet [SAW] got angry and said: "Go and take them off." He said: "Where should I throw them, O Messenger of Allah?" He said: "In the fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।