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सुनन नसाई

नंबर 5298

नंबर 5298किताब 48, नंबर 259
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ، وَأَبُو عَامِرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي عَوْنٍ الثَّقَفِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا صَالِحٍ الْحَنَفِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ عَلِيًّا، يَقُولُ أُهْدِيَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حُلَّةُ سِيَرَاءَ فَبَعَثَ بِهَا إِلَىَّ فَلَبِسْتُهَا فَعَرَفْتُ الْغَضَبَ فِي وَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَمَا إِنِّي لَمْ أُعْطِكَهَا لِتَلْبَسَهَا ‏"‏ ‏.‏ فَأَمَرَنِي فَأَطَرْتُهَا بَيْنَ نِسَائِي ‏.‏
Ali said:"A Hullah of Sira' was given to the Messenger of Allah [SAW] and he sent it to me. I put it on, then I saw anger in his face. He said: 'I did not give it to you to wear it.' Then he told me to divide it among my womenfolk
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।