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सुनन नसाई

नंबर 5281

नंबर 5281किताब 48, नंबर 242
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ قَدِ اصْطَنَعْنَا خَاتَمًا وَنَقَشْنَا عَلَيْهِ نَقْشًا فَلاَ يَنْقُشْ عَلَيْهِ أَحَدٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'We have had a ring made with an inscription, and no one else should copy this inscription
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।