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सुनन नसाई

नंबर 5258

नंबर 5258किताब 48, नंबर 219
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ، قَالَ أَنْبَأَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا عَزْرَةُ بْنُ ثَابِتٍ، عَنْ ثُمَامَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا أُتِيَ بِطِيبٍ لَمْ يَرُدَّهُ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"If perfume was brought to the Prophet [SAW], he would not refuse it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।