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सुनन नसाई

नंबर 5244

नंबर 5244किताब 48, नंबर 205
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ أَبِي رَوَّادٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَلْبَسُ النِّعَالَ السِّبْتِيَّةَ وَيُصَفِّرُ لِحْيَتَهُ بِالْوَرْسِ وَالزَّعْفَرَانِ ‏.‏ وَكَانَ ابْنُ عُمَرَ يَفْعَلُ ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"The Prophet [SAW] used to wear Sibtiyyah sandals and dye his beard yellow with Wars and saffron." And Ibn 'Umar used to do that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।