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सुनन नसाई

नंबर 5240

नंबर 5240किताब 48, नंबर 201
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَخْبَرَنِي الأَشْعَثُ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي يُحَدِّثُ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، وَذَكَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُحِبُّ التَّيَامُنَ مَا اسْتَطَاعَ فِي طُهُورِهِ وَتَنَعُّلِهِ وَتَرَجُّلِهِ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that:The Messenger of Allah [SAW] liked to start on the right whenever possible; when purifying himself, when putting on his shoes, and when combing his hair
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।