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सुनन नसाई

नंबर 5207

नंबर 5207किताब 48, नंबर 168
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَقَدِ اتَّخَذَ حَلْقَةً مِنْ فِضَّةٍ فَقَالَ ‏ "‏ مَنْ أَرَادَ أَنْ يَصُوغَ عَلَيْهِ فَلْيَفْعَلْ وَلاَ تَنْقُشُوا عَلَى نَقْشِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah [SAW] came out wearing a silver ring. He said: 'Whoever wants to make a ring like this, let him do so, but do not put the same inscription
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।