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सुनन नसाई

नंबर 5197

नंबर 5197किताब 48, नंबर 158
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبَّادُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم خَاتَمُ فِضَّةٍ يَتَخَتَّمُ بِهِ فِي يَمِينِهِ فَصُّهُ حَبَشِيٌّ يَجْعَلُ فَصَّهُ مِمَّا يَلِي كَفَّهُ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"The Messenger of Allah [SAW] had a ring of silver which he wore on his right hand. It had an Ethiopian stone (Fass), and he used to wear the stone (Fass) next to his palm
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।