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सुनन नसाई

नंबर 5188

नंबर 5188किताब 48, नंबर 149
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، عَنْ بَكْرِ بْنِ سَوَادَةَ، أَنَّ أَبَا النَّجِيبِ، حَدَّثَهُ أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ حَدَّثَهُ أَنَّ رَجُلاً قَدِمَ مِنْ نَجْرَانَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَعَلَيْهِ خَاتَمٌ مِنْ ذَهَبٍ فَأَعْرَضَ عَنْهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّكَ جِئْتَنِي وَفِي يَدِكَ جَمْرَةٌ مِنْ نَارٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that:A man came from Najran to the Messenger of Allah [SAW]. He was wearing a gold ring, and the Messenger of Allah [SAW] turned away from him, and said: "You have come to me with a coal of fire on your hand
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।