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सुनन नसाई

नंबर 5177

नंबर 5177किताब 48, नंबर 138
أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَجَّاجِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ حُنَيْنٍ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ عَلِيًّا، قَالَ نَهَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ لُبْسِ الْقَسِّيِّ وَالْمُعَصْفَرِ وَعَنِ التَّخَتُّمِ بِالذَّهَبِ ‏.‏
It was narrated from Ibn Hunain- the freed slave of Ibn 'Abbas- that 'Ali said:"The Messenger of Allah [SAW] forbade me from wearing Al-Qassi, garments dyed with safflower, and gold rings
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।