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सुनन नसाई

नंबर 5160

नंबर 5160किताब 48, नंबर 121
أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ غُرَابٍ، قَالَ حَدَّثَنَا بَيْهَسُ بْنُ فَهْدَانَ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو شَيْخٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ لُبْسِ الذَّهَبِ إِلاَّ مُقَطَّعًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدِيثُ النَّضْرِ أَشْبَهُ بِالصَّوَابِ وَاللَّهُ تَعَالَى أَعْلَمُ ‏.‏
Abu Shaikh said:"I heard Ibn 'Umar say: 'The Messenger of Allah [SAW] forbade wearing gold unless it is broken (into smaller pieces)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।