सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5157

नंबर 5157किताब 48, नंबर 118
وَأَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ بْنِ مَزْيَدٍ، عَنْ عُقْبَةَ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، حَدَّثَنِي يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو حِمَّانَ، قَالَ حَجَّ مُعَاوِيَةُ فَدَعَا نَفَرًا مِنَ الأَنْصَارِ فِي الْكَعْبَةِ فَقَالَ أَلَمْ تَسْمَعُوا رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ الذَّهَبِ قَالُوا نَعَمْ ‏.‏ قَالَ وَأَنَا أَشْهَدُ ‏.‏
Ibn Himman said:"Mu'awiyah went on Hajj and he called a group of Ansar to the Ka'bah. He said: 'Did you hear the Messenger of Allah [SAW] forbid gold?' They said: 'Yes.' He said: 'And I bear witness to that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।