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सुनन नसाई

नंबर 5151

नंबर 5151किताब 48, नंबर 112
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي شَيْخٍ، أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاوِيَةَ، وَعِنْدَهُ، جَمْعٌ مِنْ أَصْحَابِ مُحَمَّدٍ صلى الله عليه وسلم قَالَ أَتَعْلَمُونَ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ لُبْسِ الذَّهَبِ إِلاَّ مُقَطَّعًا قَالُوا اللَّهُمَّ نَعَمْ ‏.‏
It was narrated from Abu Shaikh that he heard Mu'awiyah say,:When a group of the Companions of Muhammad [SAW] were with him: "Do you know that the Prophet of Allah [SAW] forbade wearing gold unless it was broken (into smaller pieces)?" They said: "By Allah, yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।