सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5149

नंबर 5149किताब 48, नंबर 110
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ حَبِيبٍ، عَنْ خَالِدٍ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ مُعَاوِيَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ لُبْسِ الْحَرِيرِ وَالذَّهَبِ إِلاَّ مُقَطَّعًا ‏.‏ خَالَفَهُ عَبْدُ الْوَهَّابِ رَوَاهُ عَنْ خَالِدٍ عَنْ مَيْمُونٍ عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ ‏.‏
It was narrated from Mu'awiyah that:The Messenger of Allah [SAW] forbade wearing silk and gold, unless it was broken (into smaller pieces)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।