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सुनन नसाई

नंबर 5147

नंबर 5147किताब 48, नंबर 108
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، قَالَ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ أَبِي الصَّعْبَةِ، عَنْ أَبِي أَفْلَحَ الْهَمْدَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زُرَيْرٍ الْغَافِقِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ عَلِيًّا، يَقُولُ أَخَذَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ذَهَبًا بِيَمِينِهِ وَحَرِيرًا بِشِمَالِهِ فَقَالَ ‏ "‏ هَذَا حَرَامٌ عَلَى ذُكُورِ أُمَّتِي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Zurair Al-Ghafiqi said:"I heard 'Ali say: 'The Messenger of Allah [SAW] took some gold in his right hand and some silk in his left hand and said: This is forbidden for the males of my Ummah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।