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सुनन नसाई

नंबर 5136

नंबर 5136किताब 48, नंबर 97
أَخْبَرَنَا وَهْبُ بْنُ بَيَانٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، أَنَّ أَبَا عُشَّانَةَ، - هُوَ الْمَعَافِرِيُّ - حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ عُقْبَةَ بْنَ عَامِرٍ، يُخْبِرُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَمْنَعُ أَهْلَهُ الْحِلْيَةَ وَالْحَرِيرَ وَيَقُولُ ‏ "‏ إِنْ كُنْتُمْ تُحِبُّونَ حِلْيَةَ الْجَنَّةِ وَحَرِيرَهَا فَلاَ تَلْبَسُوهَا فِي الدُّنْيَا ‏"‏ ‏.‏
Uqbah bin 'Amir narrated that:The Messenger of Allah [SAW] used to tell his wives not to wear jewelry and silk. He said: "If you want the jewelry and silk of Paradise, then do not wear them in this world
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।