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सुनन नसाई

नंबर 5134

नंबर 5134किताब 48, नंबर 95
أَخْبَرَنِي يُوسُفُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ بَلَغَنِي عَنْ حَجَّاجٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ سَعْدٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْنَبَ الثَّقَفِيَّةِ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا شَهِدَتْ إِحْدَاكُنَّ الصَّلاَةَ فَلاَ تَمَسَّ طِيبًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَهَذَا غَيْرُ مَحْفُوظٍ مِنْ حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ ‏.‏
It was narrated that Zainab Ath-Thaqafiyyah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'If one of you wants to attend the prayer, let her not touch perfume
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।