सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5130

नंबर 5130किताब 48, नंबर 91
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الأَشَجِّ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْنَبَ، امْرَأَةِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا شَهِدَتْ إِحْدَاكُنَّ الْعِشَاءَ فَلاَ تَمَسَّ طِيبًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدِيثُ يَحْيَى وَجَرِيرٍ أَوْلَى بِالصَّوَابِ مِنْ حَدِيثِ وُهَيْبِ بْنِ خَالِدٍ وَاللَّهُ تَعَالَى أَعْلَمُ ‏.‏
It was narrated that Zainab, the wife of 'Abdullah, said:The Messenger of Allah [SAW] said: "If one of you wants to attend 'Isha' prayer, let her not touch perfume
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।