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सुनन नसाई

नंबर 5122

नंबर 5122किताब 48, नंबर 83
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَطَاءٍ، قَالَ سَمِعْتُ ‏{‏ أَبَا، ‏}‏ حَفْصِ بْنَ عَمْرٍو عَنْ يَعْلَى بْنِ مُرَّةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَبْصَرَ رَجُلاً مُتَخَلِّقًا قَالَ ‏ "‏ اذْهَبْ فَاغْسِلْهُ ثُمَّ اغْسِلْهُ وَلاَ تَعُدْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ya'la bin Murrah that:The Messenger of Allah [SAW] saw a man wearing Khaluq and said: "Go and wash it off, then wash it off, and do not put it on again
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।