أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ أَسْمَاءَ، قَالَ حَدَّثَنَا جُوَيْرِيَةُ بْنُ أَسْمَاءَ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ أَبِي هِشَامٍ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَعَنَ الْوَاصِلَةَ وَالْمُسْتَوْصِلَةَ وَالْوَاشِمَةَ وَالْمُسْتَوْشِمَةَ .
It was narrated from Nafi' that he heard that:The Messenger of Allah [SAW] cursed the woman who affixes hair extensions and the woman who has that done, the woman who does tattoos and the woman who has that done
स्रोत में दर्ज दर्जे
Sahih LighairihiAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।