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सुनन नसाई

नंबर 5076

नंबर 5076किताब 48, नंबर 37
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ أُتِيَ بِأَبِي قُحَافَةَ يَوْمَ فَتْحِ مَكَّةَ وَرَأْسُهُ وَلِحْيَتُهُ كَالثَّغَامَةِ بَيَاضًا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ غَيِّرُوا هَذَا بِشَىْءٍ وَاجْتَنِبُوا السَّوَادَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"Abu Quhafah was brought on the Day of the Conquest of Makkah, and his hair and beard were white like the Thaghamah. The Messenger of Allah [SAW] said: 'Change this with something, but avoid black
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।