सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5072

नंबर 5072किताब 48, नंबर 33
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى، - وَهُوَ ابْنُ يُونُسَ - عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سُلَيْمَانَ، وَأَبِي، سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى لاَ تَصْبُغُ فَخَالِفُوهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:The Prophet [SAW] said: "The Jews and Christians do not dye their hair, so be different from them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।