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सुनन नसाई

नंबर 5069

नंबर 5069किताब 48, नंबर 30
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَمِّي، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ قَالَ أَبُو سَلَمَةَ إِنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ح وَأَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَخْبَرَهُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْيَهُودُ وَالنَّصَارَى لاَ تَصْبُغُ فَخَالِفُوهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:The Messenger of Allah [SAW] said: "The Jews and Christians do not dye their hair, so be different from them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।