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सुनन नसाई

नंबर 5014

नंबर 5014किताब 47, नंबर 30
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ ح وَأَنْبَأَنَا عِمْرَانُ بْنُ مُوسَى قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ عَنْ أَنَسٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يُؤْمِنُ أَحَدُكُمْ حَتَّى أَكُونَ أَحَبَّ إِلَيْهِ مِنْ مَالِهِ وَأَهْلِهِ وَالنَّاسِ أَجْمَعِينَ
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'None of you has believed until I am dearer to him than his family, his wealth and all the people
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।