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सुनन नसाई

नंबर 4999

नंबर 4999किताब 47, नंबर 15
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الأُمَوِيُّ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بُرْدَةَ، - وَهُوَ بُرَيْدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ - عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الإِسْلاَمِ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ مَنْ سَلِمَ الْمُسْلِمُونَ مِنْ لِسَانِهِ وَيَدِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Musa said:"I said: 'O Messenger of Allah, whose Islam is most virtuous?' He said: 'The one from whose tongue and hand the Muslims are safe
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।