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सुनन नसाई

नंबर 4981

नंबर 4981किताब 46, नंबर 111
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ عَطِيَّةَ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ قَالَ كُنْتُ فِي سَبْىِ قُرَيْظَةَ وَكَانَ يُنْظَرُ فَمَنْ خَرَجَ شِعْرَتُهُ قُتِلَ وَمَنْ لَمْ تَخْرُجِ اسْتُحْيِيَ وَلَمْ يُقْتَلْ ‏.‏
It was narrated that 'Atiyyah said:'I was among the prisoners of Quraizah; we were examined, and whoever had grown (pubic) hair was killed, and whoever had not grown hair, he was allowed to live and was not killed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।