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सुनन नसाई

नंबर 4979

नंबर 4979किताब 46, नंबर 109
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي بَقِيَّةُ، قَالَ حَدَّثَنِي نَافِعُ بْنُ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنِي حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ، عَنْ عَيَّاشِ بْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ جُنَادَةَ بْنِ أَبِي أُمَيَّةَ، قَالَ سَمِعْتُ بُسْرَ بْنَ أَبِي أَرْطَاةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُقْطَعُ الأَيْدِي فِي السَّفَرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Junadah bin Abi Umayyah said:"I heard Busr bin Abi Artah say: 'I heard the Messenger of Allah say: Hand should not be cut off while traveling
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।