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सुनन नसाई

नंबर 4975

नंबर 4975किताब 46, नंबर 105
أَخْبَرَنَا خَالِدُ بْنُ رَوْحٍ الدِّمَشْقِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ خَالِدِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَوَهِبٍ - قَالَ حَدَّثَنَا شَبَابَةُ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَيْسَ عَلَى مُخْتَلِسٍ وَلاَ مُنْتَهِبٍ وَلاَ خَائِنٍ قَطْعٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"The Messenger of Allah said: 'The hand of the pilferer, robber and traitor is not to be cut off
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।