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सुनन नसाई

नंबर 4955

नंबर 4955किताब 46, नंबर 85
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَخْلَدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ أَيْمَنَ، مَوْلَى ابْنِ عُمَرَ عَنْ تُبَيْعٍ، عَنْ كَعْبٍ، قَالَ مَنْ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ وُضُوءَهُ ثُمَّ شَهِدَ صَلاَةَ الْعَتَمَةِ فِي جَمَاعَةٍ ثُمَّ صَلَّى إِلَيْهَا أَرْبَعًا مِثْلَهَا يَقْرَأُ فِيهَا وَيُتِمُّ رُكُوعَهَا وَسُجُودَهَا كَانَ لَهُ مِنَ الأَجْرِ مِثْلُ لَيْلَةِ الْقَدْرِ ‏.‏
It was narrated that Ka'b said:"Whoever performs Wudu and performs Wudu well, then attends Isha prayer in congregation, then prays four similar Rakahs after that, reciting therein and bowing and prostrating perfectly, that will bring him a reward like that of (praying) Lailat Al-Qadar." (Hasan Maqtu)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MaqtuAbu Ghuddah
  • MaqtuAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।