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सुनन नसाई

नंबर 4949

नंबर 4949किताब 46, नंबर 79
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ عَطَاءٍ، وَمُجَاهِدٍ، عَنْ أَيْمَنَ، قَالَ لاَ يُقْطَعُ السَّارِقُ فِي أَقَلَّ مِنْ ثَمَنِ الْمِجَنِّ ‏.‏
It was narrated that Ayman said:"The (hand of) a thief is not to be cut off for less than the price of a shield." (Daif Mawquf)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।