सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4945

नंबर 4945किताब 46, नंबर 75
أَخْبَرَنَا أَبُو الأَزْهَرِ النَّيْسَابُورِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ أَيْمَنَ، قَالَ لَمْ تُقْطَعِ الْيَدُ فِي زَمَنِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلاَّ فِي ثَمَنِ الْمِجَنِّ وَقِيمَةُ الْمِجَنِّ يَوْمَئِذٍ دِينَارٌ ‏.‏
It was narrated that Ayman said:"The hand of a thief was not be cut off during the time of the Messenger of Allah except for the value of a shield, and the value of a shield in those days was a Dinar." (Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAbu Ghuddah
  • MunkarAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।