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सुनन नसाई

नंबर 4915

नंबर 4915किताब 46, नंबर 46
أَنْبَأَنَا هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي خَالِدُ بْنُ نِزَارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ بْنُ مَبْرُورٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تُقْطَعُ الْيَدُ إِلاَّ فِي ثَمَنِ الْمِجَنِّ ثُلُثِ دِينَارٍ أَوْ نِصْفِ دِينَارٍ فَصَاعِدًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that the Messenger of Allah said:"(The thief's hand) is not to be cut off except for the price of a shield, one-third of a Dinar or half of Dinar, or more
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAbu Ghuddah
  • MunkarAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।