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सुनन नसाई

नंबर 4909

नंबर 4909किताब 46, नंबर 40
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ حَدَّثَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ أُمَيَّةَ، أَنَّ نَافِعًا، حَدَّثَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ حَدَّثَهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَطَعَ يَدَ سَارِقٍ سَرَقَ تُرْسًا مِنْ صُفَّةِ النِّسَاءِ ثَمَنُهُ ثَلاَثَةُ دَرَاهِمَ ‏.‏
Abdullah bin 'Umar narrated that:the Prophet cut off the hand of a thief, who stole a shield, from a portico allocated to women, the price of which was three Dirhams
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।