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सुनन नसाई

नंबर 4896

नंबर 4896किताब 46, नंबर 27
أَخْبَرَنَا رِزْقُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ أُتِيَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِسَارِقٍ فَقَطَعَهُ قَالُوا مَا كُنَّا نُرِيدُ أَنْ يَبْلُغَ مِنْهُ هَذَا ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ لَوْ كَانَتْ فَاطِمَةَ لَقَطَعْتُهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"A thief was brought to the hand." They said: "We did not think that you would take it so far." He said: "If it were Fatimah (who stole), I would cut off her hand
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।