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सुनन नसाई

नंबर 4885

नंबर 4885किताब 46, नंबर 16
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ هَاشِمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ تَعَافَوُا الْحُدُودَ قَبْلَ أَنْ تَأْتُونِي بِهِ فَمَا أَتَانِي مِنْ حَدٍّ فَقَدْ وَجَبَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated form 'Amr bin Shu'ainb, from his father, from his grandfather, that the Prophet said:"Pardon matters that may deserve a Hadd punishment before you bring it to my attention, for whatever is brought to my attention, the Hadd punishment becomes binding." (Saif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।