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सुनन नसाई

नंबर 4880

नंबर 4880किताब 46, नंबर 11
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمِ بْنِ نُعَيْمٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا حِبَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي عَطَاءُ بْنُ أَبِي رَبَاحٍ، أَنَّ رَجُلاً، سَرَقَ ثَوْبًا فَأُتِيَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَأَمَرَ بِقَطْعِهِ فَقَالَ الرَّجُلُ يَا رَسُولَ اللَّهِ هُوَ لَهُ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ فَهَلاَّ قَبْلَ الآنَ ‏"‏ ‏.‏
Ata' bin Abi Rabah narrated that:a man stole a garment, and was brought before the Messenger of Allah, who order that his hand be cut off. The man said: "O Messenger of Allah, he can keep it." He said: "Why (did you not say that) before now?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।