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सुनन नसाई

नंबर 4842

नंबर 4842किताब 45, नंबर 137
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الأَسْنَانُ سَوَاءٌ خَمْسًا خَمْسًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin shu'aib, from his father, that his grandfather said:The Messenger of Allah said: "For teeth (the Diyah is ) the same, five camels for each
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।