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सुनन नसाई

नंबर 4832

नंबर 4832किताब 45, नंबर 127
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ أَبْجَرَ، عَنْ إِيَادِ بْنِ لَقِيطٍ، عَنْ أَبِي رِمْثَةَ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مَعَ أَبِي فَقَالَ ‏"‏ مَنْ هَذَا مَعَكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ابْنِي أَشْهَدُ بِهِ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ أَمَا إِنَّكَ لاَ تَجْنِي عَلَيْهِ وَلاَ يَجْنِي عَلَيْكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Rimthah said; "I came to the Prophet with my father and he said:'Who is this with you?' He said:' my son, I bear witness (that he is my son). He said: 'You cannot be affected by his sin or he by yours
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।