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सुनन नसाई

नंबर 4816

नंबर 4816किताब 45, नंबर 111
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ طَاوُسٍ، أَنَّ عُمَرَ، اسْتَشَارَ النَّاسَ فِي الْجَنِينِ فَقَالَ حَمَلُ بْنُ مَالِكٍ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْجَنِينِ غُرَّةً ‏.‏ قَالَ طَاوُسٌ إِنَّ الْفَرَسَ غُرَّةٌ ‏.‏
Hamal bin Malik said:"The Messenger of Allah ruled that a slave (should be given as Diyah) for a fetus." Tawus said: "A horse would do in place of a slave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।