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सुनन नसाई

नंबर 4810

नंबर 4810किताब 45, नंबर 105
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَعْلَى، عَنِ الْحَجَّاجِ الصَّوَّافِ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْمُكَاتَبِ يُودَى بِقَدْرِ مَا أَدَّى مِنْ مُكَاتَبَتِهِ دِيَةَ الْحُرِّ وَمَا بَقِيَ دِيَةَ الْعَبْدِ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah ruled that in the case of a Mukatab, the Diyah should be (equivalent) to the Diyah for a free man, proportionate to the amount he had paid off (towards buying his freedom)." (Dar'if)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।