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सुनन नसाई

नंबर 4800

नंबर 4800किताब 45, नंबर 95
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ يُوسُفَ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ رَبِيعَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْخَطَأُ شِبْهُ الْعَمْدِ - يَعْنِي بِالْعَصَا وَالسَّوْطِ - مِائَةٌ مِنَ الإِبِلِ مِنْهَا أَرْبَعُونَ فِي بُطُونِهَا أَوْلاَدُهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Al- Qasim bin Rabi'ah that the Messenger jof Allah said:"The accident that resembles on purpose, meaning (killing) with a stick or a whip, (for which the Diyah is) one hundred camels, of which forty should be (pregnant she-camels), with their young in their wombs
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।