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सुनन नसाई

नंबर 4761

नंबर 4761किताब 45, नंबर 56
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ زُرَارَةَ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، أَنَّ يَعْلَى، قَالَ فِي الَّذِي عَضَّ فَنَدَرَتْ ثَنِيَّتُهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ دِيَةَ لَكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Imran bin Husain that:Ya'la said, concerning the one who bit (another), and his front tooth fell out, that the Prophet said: "There is no Diyah for you." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।