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सुनन नसाई

नंबर 4759

नंबर 4759किताब 45, नंबर 54
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ زُرَارَةَ بْنِ أَوْفَى، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، أَنَّ رَجُلاً، عَضَّ آخَرَ عَلَى ذِرَاعِهِ فَاجْتَذَبَهَا فَانْتَزَعَتْ ثَنِيَّتَهُ فَرُفِعَ ذَلِكَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَأَبْطَلَهَا وَقَالَ ‏ "‏ أَرَدْتَ أَنْ تَقْضَمَ لَحْمَ أَخِيكَ كَمَا يَقْضَمُ الْفَحْلُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Imran bin Husain that a man bit another man on the forearm:he pulled it away and a front tooth fell out. The matter was referred to the Messenger of Allah and he canceled (the Diyah) and said: "Did you want to bite your brother's flesh as a stallion bites?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।