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सुनन नसाई

नंबर 4709

नंबर 4709किताब 45, नंबर 4
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ كَانَتِ الْقَسَامَةُ فِي الْجَاهِلِيَّةِ ثُمَّ أَقَرَّهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الأَنْصَارِيِّ الَّذِي وُجِدَ مَقْتُولاً فِي جُبِّ الْيَهُودِ فَقَالَتِ الأَنْصَارُ الْيَهُودُ قَتَلُوا صَاحِبَنَا ‏.‏
It was narrated that Ibn Al-Musayyab said:"Qasamah existed during the Jahiliyyah, then the Messenger of Allah confirmed it in the case of an Ansari who was found slain in the dry well of the jews, and Ansar said: "The Jews kill our companion
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।