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सुनन नसाई

नंबर 4707

नंबर 4707किताब 45, नंबर 2
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، وَيُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، - قَالَ أَحْمَدُ بْنُ عَمْرٍو - قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ، وَسُلَيْمَانُ بْنُ يَسَارٍ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنَ الأَنْصَارِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَقَرَّ الْقَسَامَةَ عَلَى مَا كَانَتْ عَلَيْهِ فِي الْجَاهِلِيَّةِ ‏.‏
Abu Salamah and Sulaiman bin Yasar narrated from one of the Companions of the Messenger of Allah, one of the Ansar, that:the Messenger or Allah approved of Qasamah as it had been during the Jahiliyyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।