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सुनन नसाई

नंबर 4672

नंबर 4672किताब 44, नंबर 224
أَخْبَرَنَا عِصْمَةُ بْنُ الْفَضْلِ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ حُمَيْدٍ الرُّؤَاسِيِّ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ مِنْ بَنِي الصَّعْقِ أَحَدِ بَنِي كِلاَبٍ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَسَأَلَهُ عَنْ عَسْبِ الْفَحْلِ فَنَهَاهُ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ إِنَّا نُكْرَمُ عَلَى ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"A man from Banu As-Sa'q, one of Banu Kilab, came to the Messenger of Allah and asked him about charging stud fees for a stallion. He forbade him to do that, but he said: 'We give payment for that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।