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सुनन नसाई

नंबर 4636

नंबर 4636किताब 44, नंबर 188
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنِ ابْتَاعَ نَخْلاً بَعْدَ أَنْ تُؤَبَّرَ فَثَمَرَتُهَا لِلْبَائِعِ إِلاَّ أَنْ يَشْتَرِطَ الْمُبْتَاعُ وَمَنْ بَاعَ عَبْدًا وَلَهُ مَالٌ فَمَالُهُ لِلْبَائِعِ إِلاَّ أَنْ يَشْتَرِطَ الْمُبْتَاعُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salim, from his father that the Prophet said:"Whoever buys a date-palm tree after it has been pollinated, its fruits belong to the seller, unless the purchaser has stipulated otherwise. And whoever buys a slave who has wealth, his wealth belongs to the seller, unless the purchaser has stipulated otherwise. "(sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।