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सुनन नसाई

नंबर 4620

नंबर 4620किताब 44, नंबर 172
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَيَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، وَخَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، قَالُوا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، وَأَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ فَضَالَةَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ بَيْعِ الْحَيَوَانِ بِالْحَيَوَانِ نَسِيئَةً ‏.‏
It was narrated from Sasmurah that:the Messenger of Allah forbade selling animals in exchange for animal's ion credit
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।